Patna: A flood-affected low-lying area as the swollen Punpun River inundates nearby areas during the monsoon season in Patna on Monday, September 07, 2026. (Photo: IANS)

बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। लगातार बारिश और गंगा समेत कई प्रमुख नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण राज्य के बड़े हिस्से में जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रदेश के 13 जिलों के 77 प्रखंडों की 438 पंचायतों में 29 लाख से अधिक लोग बाढ़ की चपेट में हैं। पटना, सारण, भागलपुर, मुंगेर, खगड़िया और कटिहार समेत कई जिलों के निचले इलाकों में पानी भर गया है और कई गांव बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। गंगा के साथ-साथ कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, पुनपुन और बागमती नदी का जलस्तर भी बढ़ा हुआ है। खास तौर पर मोकामा से कहलगांव तक गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटबंधों और संवेदनशील इलाकों की निगरानी बढ़ा दी गई है।

जल संसाधन विभाग ने अधिकारियों को पूरी सतर्कता बरतने और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस बीच, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सारण और वैशाली में बाढ़ पीड़ितों के लिए चलाए जा रहे सामुदायिक रसोई केंद्रों का निरीक्षण किया और लोगों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन और राहत व्यवस्था की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाने के साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा है कि प्रभावित परिवारों तक जरूरी सहायता समय पर पहुंचे। राज्य प्रशासन बाढ़ की स्थिति, नदियों के जलस्तर और तटबंधों पर लगातार नजर बनाए हुए है।