झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में जारी विद्यार्थी आंदोलन का आज 17वां दिन है। विद्यार्थी विधानसभा की ओर मार्च कर रहे हैं। पुलिस ने किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए है।
प्रदर्शनकारी कुछ परीक्षाओं, खासकर जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को रद्द करने और कथित अनियमितताओं की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, जबकि सरकार का दावा है कि छात्रों की 98 प्रतिशत मांगें स्वीकार कर ली गई हैं।
मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने पुरानी विधानसभा के पास पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ दी और नई विधानसभा की ओर बढ़ते रहे, जिसके मद्देनजर रांची में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।
अनशनरत छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो को एंबुलेंस से विधानसभा लाया गया, जहां उन्होंने स्ट्रेचर पर समर्थकों के साथ मार्च में हिस्सा लिया। छह छात्र अब भी अनिश्चितकालीन अनशन पर हैं।
जेएलकेएम विधायक जयराम कुमार महतो ने छात्रों की मांगों का समर्थन करते हुए जेएसएससी-सीजीएल मामले को लेकर सरकार की आलोचना की।
इस बीच, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया।
तीनों जेपीएससी सदस्यों के इस्तीफे राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार द्वारा स्वीकार किए जाने के बाद आंदोलन और तेज हुआ है। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय ने कथित जेपीएससी परीक्षा अनियमितताओं के संबंध में प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट-ईसीआईआर दर्ज किया है।
ईसीआईआर धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत मनी लॉड्रिंग के मामले दर्ज करने के लिए निदेशालय का एक विशेष दस्तावेज है।
सरकार की ओर से आंदोलन वापस लेने की अपील के बावजूद छात्र नेताओं ने जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा रद्द करने और सीबीआई जांच सहित अपनी प्रमुख मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात दोहराई है।
