रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को नई मजबूती देने की दिशा में भारत एक और बड़ा कदम उठाने जा रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह विशाखापत्तनम के बाद आज ही ओडिशा के कोरापुट पहुंचेंगे। रक्षा मंत्री यहां हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड यानी HAL की इकाई में 218 करोड़ रुपये की नई शक्ति इंजन सुविधा की आधारशिला रखेंगे।
इस नई सुविधा में शक्ति इंजन के लिए दूसरी उत्पादन लाइन स्थापित की जाएगी, जिससे देश में हेलिकॉप्टर इंजनों की उत्पादन क्षमता बढ़ेगी। HAL कोरापुट में इसी कार्यक्रम के दौरान 2,000वें एयरो-इंजन की डिलीवरी भी चिह्नित की जाएगी। करीब छह दशक से HAL का कोरापुट डिविजन देश की एयरोस्पेस और रक्षा विनिर्माण क्षमता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहा है। यह इकाई पहले सोवियत मूल के विमानों के इंजनों की सर्विसिंग से लेकर अब आधुनिक लड़ाकू विमानों और हेलिकॉप्टरों के इंजनों के निर्माण, ओवरहॉल और रखरखाव तक का काम कर रही है।
नई दूसरी उत्पादन लाइन से ध्रुव एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर और प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर जैसे स्वदेशी हेलिकॉप्टर प्लेटफॉर्म के लिए शक्ति इंजन की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है। शक्ति इंजन कार्यक्रम HAL और फ्रांस की Safran Helicopter Engines की संयुक्त पहल है, जिसके तहत भारतीय सैन्य जरूरतों के लिए टर्बोशाफ्ट इंजन का विकास और निर्माण किया जा रहा है। यह परियोजना ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब सरकार भारत को रक्षा उपकरणों के खरीदार से आगे बढ़ाकर डिजाइनर, डेवलपर और निर्माता के रूप में स्थापित करने पर जोर दे रही है। खास तौर पर एयरो-इंजन जैसी जटिल और रणनीतिक तकनीक में स्वदेशी क्षमता विकसित करना रक्षा आत्मनिर्भरता का अहम हिस्सा है। रक्षा मंत्री के कोरापुट दौरे को देखते हुए सुनाबेड़ा में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
