राष्ट्रीय शोक दिवस
मनाया जा रहा है। इस दौरान देशभर के सरकारी कार्यालयों और विदेशों में स्थित नेपाली राजनयिक मिशनों में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका दिया गया है। आपदा के 13वें दिन मृतकों को श्रद्धांजलि दी जा रही है।
नेपाल में इस विनाशकारी आपदा में
1,350 से ज्यादा लोगों की मौत
हो चुकी है, जबकि करीब
5 हजार लोग अब भी लापता
हैं। लापता लोगों में
589 विदेशी नागरिक
भी शामिल हैं। प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों के साथ विशेष प्रशिक्षण प्राप्त अंतरराष्ट्रीय बचाव दल लगातार खोज और बचाव अभियान चला रहे हैं।
चीन की सीमा से लगे
रसुवा
में 26 अगस्त को ऊंचे हिमालयी क्षेत्र में चट्टानें खिसकने और हिमस्खलन के बाद अचानक बाढ़ आ गई थी। इसके बाद रसुवा, नुवाकोट और धादिंग समेत कई इलाकों में भारी तबाही हुई। घरों, सड़कों, पुलों और जलविद्युत परियोजनाओं को व्यापक नुकसान पहुंचा है।
आपदा के कारण कम से कम
32 हजार परिवार विस्थापित
हुए हैं, जबकि करीब
7,500 मकान पूरी तरह नष्ट
हो गए हैं। जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में भी लापता लोगों की तलाश की जा रही है। वहीं, प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी सेवाओं और लोगों की आजीविका पर गंभीर असर पड़ा है।

