गृह मंत्री अमित शाह ने वर्ष 2029 तक भारत को नशामुक्त बनाने के लिए अगले तीन वर्षों की रूपरेखा जारी की है। उन्होंने मादक पदार्थों के खिलाफ देशव्यापी समन्वित अभियान चलाने का आह्वान किया। गोवा में गृह मंत्री ने कहा कि वर्ष 2019 से सरकार ने मादक पदार्थों की तस्करी पर कार्रवाई, खुफिया जानकारी साझा करने, वित्तीय जांच और पुनर्वास के उपायों को मजबूत किया है। वर्ष 2014 से 2024 के बीच 1.19 करोड़ किलो से अधिक मादक पदार्थ जब्त किए गए। इनकी कीमत करीब 1.89 लाख करोड़ रुपये है। इस दौरान 48.66 लाख किलो से अधिक मादक पदार्थ नष्ट किए गए।

श्री शाह ने कहा कि यह रूपरेखा चार प्रमुख स्तंभों पर आधारित है। इनमें खुफिया जानकारी और अभियान आधारित कार्रवाई, नशीले पदार्थों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले रसायनों और सिंथेटिक ड्रग्स पर नियंत्रण, नशे की मांग और उससे होने वाले नुकसान को कम करना तथा क्षमता निर्माण और आपसी समन्वय शामिल हैं।

सरकार ने अगले तीन वर्षों में सौ अंतरराष्ट्रीय और अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क को ध्वस्त करने, मादक पदार्थों से जुड़े सौ भगोड़ों को भारत लाने और सौ अवैध ड्रग लैब को नष्ट करने का लक्ष्य रखा है।

इस अभियान के अंतर्गत 50 करोड़ लोगों तक पहुंच बनाई जाएगी और एक लाख ‘नशा मुक्त मित्र’ तैयार किए जाएंगे। साथ ही देश में नशामुक्ति केंद्रों की संख्या बढ़ाकर 1,751 की जाएगी।