सरकार ने सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे एक गूगल फॉर्म का खंडन किया है, जिसमें डॉक्टरों और अन्य पेशेवरों के लिए इंटर्नशिप देने का झूठा दावा किया गया था। यह इंटर्नशिप कथित तौर पर सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय और कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय द्वारा अनुमोदित बताई गई थी। पत्र सूचना कार्यालय-पीआईबी की तथ्‍य जांच इकाई ने स्पष्ट किया है कि यह दावा फर्जी है। पीआईबी ने बताया कि एमएसएमई मंत्रालय या कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय द्वारा ऐसे किसी इंटर्नशिप कार्यक्रम के लिए कोई आधिकारिक अधिसूचना या आवेदन पत्र जारी नहीं किया गया है।

पीआईबी ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे संदिग्ध लिंक या वेबपेजों पर क्लिक न करें और अपुष्ट प्लेटफार्मों पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। इसने उन्हें प्रामाणिक जानकारी के लिए केवल आधिकारिक सरकारी वेबसाइटों और सत्यापित स्रोतों पर ही भरोसा करने की सलाह दी है।