कृषि और किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रस्तावित नए बीज अधिनियम में किसानों के अधिकार पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे। नई दिल्ली में किसान संगठनों के साथ बैठक में उन्होंने कहा कि किसान पारंपरिक और अपने बीजों का इस्तेमाल, आपस में बांटना और बेचने का काम पहले की तरह कर सकेंगे।

इन बीजों का पंजीकरण जरूरी नहीं होगा। श्री चौहान ने कहा कि मौजूदा बीज अधिनियम 1966 में बनाया गया था और अब नकली तथा घटिया बीजों जैसी नई चुनौतियों से निपटने के लिए इसमें बदलाव जरूरी है। प्रस्तावित कानून के तहत हर राज्य में बीज सुरक्षा कोष बनाया जाएगा। बीज खराब होने या फसल को नुकसान पहुंचने की स्थिति में किसानों को 15 दिन के भीतर मुआवजा देने का प्रावधान होगा।