फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज एवं झारखंड स्किल डेवलपमेंट मिशन सोसाइटी के बीच राज्य के युवाओं के कौशल विकास, उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध कराने तथा रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
इस एमओयू पर एफजेसीसीआई की ओर से अध्यक्ष श्री आदित्य मल्होत्रा तथा झारखंड स्किल डेवलपमेंट मिशन सोसाइटी की ओर से शैलेन्द्र कुमार लाल, भा.प्र.से., मिशन निदेशक-सह-मुख्य परिचालन ने हस्ताक्षर किए। एमओयू के तहत झारखंड स्किल डेवलपमेंट मिशन सोसाइटी द्वारा मुख्यमंत्री सारथी योजना (MMSY) के अंतर्गत प्रशिक्षित एवं प्रमाणित युवाओं को एफजेसीसीआई के सदस्य प्रतिष्ठानों की आवश्यकताओं के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जाएगा।
साथ ही उद्योगों की मांग के अनुसार कौशल प्रशिक्षण, औद्योगिक भ्रमण, ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग, अतिथि व्याख्यान तथा पाठ्यक्रम निर्माण में भी परस्पर सहयोग किया जाएगा। यह समझौता प्रारंभिक रूप से एक वर्ष के लिए प्रभावी रहेगा तथा आपसी सहमति से इसे आगे भी बढ़ाया जा सकेगा।
एमओयू के अंतर्गत एफजेसीसीआई अपने सदस्य उद्योगों एवं प्रतिष्ठानों के माध्यम से रोजगार अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रयास करेगा। साथ ही यह सुनिश्चित करने का भी प्रयास किया जाएगा कि चयनित युवाओं को समय पर वेतन, न्यूनतम वेतनमान एवं बेहतर कार्य वातावरण उपलब्ध हो। इस अवसर पर एफजेसीसीआई अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने कहा कि यह साझेदारी झारखंड के युवाओं को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल प्रदान कर उन्हें गुणवत्तापूर्ण रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इससे उद्योगों को प्रशिक्षित मानव संसाधन उपलब्ध होगा तथा राज्य में रोजगार एवं औद्योगिक विकास को नई गति मिलेगी। महासचिव रोहित अग्रवाल ने विश्वास व्यक्त किया कि झारखंड स्किल डेवलपमेंट मिशन सोसाइटी के साथ यह सहयोग राज्य के युवाओं, उद्योग जगत तथा समग्र आर्थिक विकास के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।
इस अवसर पर एफजेसीसीआई की ओर से महासचिव रोहित अग्रवाल, उपाध्यक्ष राम बंगार, उपाध्यक्ष प्रवीण लोहिया, प्रियंक भगत और स्किल डेवलपमेंट सब कमिटी के चेयरमैन आलोक कुमार उपस्थित थे। वहीं झारखंड स्किल डेवलपमेंट मिशन सोसाइटी की ओर से वित्त प्रबंधक राजन श्रीवास्तव, ऑपरेशन मैनेजर अमित प्रजापति और यूनाइटेड नेशन्स डेवलपमेंट प्रोग्राम के प्रोजेक्ट हेड राजीव मौजूद रहे।



