बीसीसीएल के कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) गतिविधि के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए स्वीकृत ‘50 अभ्यर्थियों के लिए बांस शिल्प कौशल विकास प्रशिक्षण’ परियोजना के तहत भूली टाउनशिप में स्थापित प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन आज निदेशक (मानव संसाधन) श्री मुरली कृष्ण रमैया ने किया। अवसर पर विभागाध्यक्ष (सीएसआर) बीसीसीएल, श्री सुरेन्द्र भूषण, बीसीसीएल सीएसआर टीम तथा एसीआईसी (आईआईटी-आईएसएम) फाउंडेशन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के औपचारिक स्वागत तथा सामूहिक दीप प्रज्वलन के साथ की गई। ACIC फाउंडेशन की मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (सीईओ) डॉ. आकांक्षा सिन्हा ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए  इस पहल से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी दी।

अपने संबोधन में निदेशक (मानव संसाधन) श्री मुरली कृष्ण रमैया ने उपस्थित सभी प्रतिभागियों को समर्पण, अनुशासन और प्रतिबद्धता के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रतिभागी आगामी छह महीनों तक नियमित रूप से प्रशिक्षण में भाग लें तथा इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाते हुए अपने कौशल को विकसित करें।

उन्होंने कहा कि कौशल विकास से न केवल व्यक्तिगत क्षमता में वृद्धि होती है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम स्थानीय समुदाय, विशेषकर महिलाओं के लिए आजीविका के नए अवसरों के सृजन में सहायक होते हैं। उन्होंने कहा कि  इन बांस  उत्पादों के लिए ‘बाय-बैक व्यवस्था’ की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है, जिससे  इन उत्पादों का उपयोग बीसीसीएल में स्मृति-चिह्न एवं अन्य उपयोगी वस्तुओं के रूप में किया जा सके।

उल्लेखनीय है कि बीसीसीएल की सीएसआर परियोजनान्तर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए स्वीकृत इस परियोजना का संचालन ACIC (IIT-ISM) फाउंडेशन के सहयोग से किया जा रहा है, जिसके तहत प्रतिभागियों को बांस शिल्प से संबंधित व्यावहारिक कौशल, डिजाइन एवं उत्पाद निर्माण की विभिन्न तकनीकों का प्रशिक्षण दिया  जाएगा। प्रशिक्षण को प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए असम से एक विशेष प्रशिक्षक को आमंत्रित किया गया है, जो प्रतिभागियों को बांस शिल्प की पारंपरिक एवं आधुनिक विधियों से अवगत कराएंगे।

कार्यक्रम के दौरान भूली नगर की महिला प्रतिनिधियों ने इस पहल के प्रति अपनी प्रसन्नता और आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम स्थानीय समुदाय, विशेषकर महिलाओं के लिए स्वरोजगार एवं आजीविका के नए अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

यह पहल स्थानीय समुदाय के कौशल विकास, आत्मनिर्भरता और सतत आजीविका को बढ़ावा देने की दिशा में बीसीसीएल के सीएसआर प्रयासों के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण कदम रहा।