18 मई 2025 से आरंभ हुई इस पहल में तालाब से 10,129 घनमीटर गाद निकाली गई, जिससे उसकी जलधारण क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। पहले गाद जमाव के कारण यह तालाब पर्याप्त मात्रा में पानी संचित नहीं कर पाता था और ग्रामीणों की आवश्यकताओं को पूरा करने में असमर्थ था।
अब मानसून के आगमन के साथ तालाब फिर से पानी से लबालब भरने लगा है, जिससे स्थानीय जल आवश्यकताओं को पूरा करने में बड़ी मदद मिल रही है।
निति आयोग द्वारा शुरू की गई “सरोवर समृद्धि: 1000 जलाशयों का पुनर्जीवन” पहल स्थानीय जल सुरक्षा बढ़ाने और सतत जल प्रबंधन को बढ़ावा देने का एक रणनीतिक कदम है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य पारंपरिक जलस्रोतों—तालाबों, पोखरों और झीलों को पुनर्जीवित कर भूजल पुनर्भरण, कृषि गतिविधियों को सहयोग और ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाना है।
साथ ही इसमें सामुदायिक भागीदारी, तकनीकी नवाचार, प्रदूषण नियंत्रण और वृक्षारोपण जैसे प्रयास भी शामिल हैं, जिससे पारिस्थितिक संतुलन बहाल हो सके और ग्रामीण क्षेत्रों की जल-आधारित जरूरतें पूरी हो सकें।

