इंग्लैंड दौरे पर जिस तरह कुछ युवा खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया है उसके बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या वनडे में भी रोहित-कोहली के लिए टीम में जगह बनाने की राह कठिन हो गई है? कोहली 36 और रोहित 38 साल के हैं और ये दोनों संभवत: ऑस्ट्रेलिया में तीन मैच की वनडे सीरीज और उसके बाद दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू मैदान पर तीन मैच की सीरीज में खेलेंगे।

शुभमन गिल की अगुआई में भारतीय टीम ने हाल ही में इंग्लैंड दौरे पर अच्छा प्रदर्शन किया। भारतीय टीम इस दौरे पर रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे दो दिग्गज खिलाड़ियों के बिना गई थी जिन्होंने लाल गेंद के प्रारूप को अलविदा कह दिया था।

रोहित और कोहली अब भारत के लिए बस वनडे प्रारूप में ही खेलते नजर आएंगे। भले ही इन दोनों खिलाड़ियों ने अभी 2027 वनडे विश्व कप में खेलने को लेकर आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा है, लेकिन यह स्पष्ट है कि Ro-Ko की जोड़ी इस वैश्विक टूर्नामेंट में खेलना चाहती है।

यशस्वी-आकाश दीप जैसे खिलाड़ी दे रहे योगदान
इंग्लैंड दौरे पर जिस तरह कुछ युवा खिलाड़ियों ने अच्छा प्रदर्शन किया है उसके बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या वनडे में भी रोहित-कोहली के लिए टीम में जगह बनाने की राह कठिन हो गई है? इंग्लैंड दौरे पर मोहम्मद सिराज ने लगभग 200 ओवर गेंदबाजी की और अपने थके हुए शरीर को पांच टेस्ट मैच के दौरान अच्छी तरह संभाला।

वाशिंगटन सुंदर कभी जिम्मेदारी से पीछे नहीं हटे। यशस्वी जायसवाल ने जरूरत पड़ने पर योगदान दिया, आकाश दीप और प्रसिद्ध कृष्णा प्रभावी नजर आए और साई सुदर्शन ने अपनी दीर्घकालिक उपयोगिता की झलक दिखाई। इससे सवाल उठता है कि टी20 और टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने वाले विराट कोहली और रोहित शर्मा तथा चोटों से जूझने वाले जसप्रीत बुमराह जैसे सीनियर खिलाड़ियों का क्या होगा।

कोहली 36 और रोहित 38 साल के हैं और ये दोनों संभवत: ऑस्ट्रेलिया में तीन मैच की वनडे सीरीज और उसके बाद दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ घरेलू मैदान पर तीन मैच की सीरीज में खेलेंगे।

इसके बाद इन दोनों को जनवरी-जुलाई 2026 के बीच न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के खिलाफ छह वनडे मैचों में खेलने का मौका मिलेगा। लेकिन क्या ये मुकाबले 2027 में दक्षिण अफ्रीका में होने वाले 50 ओवरों के विश्व कप की उनकी तैयारी के लिए हैं? क्या यह दिग्गज जोड़ी सिर्फ एक प्रारूप और आईपीएल के दम पर इतने लंबे समय तक खेलना चाहेगी? 

चैंपियंस ट्रॉफी के बाद भारतीय जर्सी में नहीं दिखे Ro-Ko
कोहली और रोहित ने 2024 में विश्व कप जीत के साथ टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहा लेकिन इन दोनों का टेस्ट संन्यास काफी शांत रहा।

क्या इन दोनों पूर्व कप्तानों को अपने संन्यास का समय और स्थान चुनने की अनुमति होगी या उन्हें भविष्य को ध्यान में रखते हुए धीरे-धीरे बाहर किया जाएगा? कोहली और रोहित इस साल चैंपियंस ट्रॉफी के बाद भारत के लिए नहीं खेले हैं। इन दोनों ने आईपीएल 2025 में हिस्सा लिया था। माना जा रहा था कि रोहित-कोहली की जोड़ी को बांग्लादेश के खिलाफ वनडे सीरीज में खेलने का मौका मिलेगा, लेकिन इस सीरीज के स्थगित होने से ऐसा नहीं हो सका।

ऑस्ट्रेलिया दौरे पर दिखेंगे रोहित-कोहली
भारत का अगला कार्यक्रम अब सितंबर में होने वाला एशिया कप और फिर वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज है। एशिया कप टी20 प्रारूप में होना है, लिहाजा रोहित और कोहली हाल फिलहाल मैदान पर नजर नहीं आने वाले हैं। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 19 अक्तूबर से तीन मैचों की वनडे सीरीज होनी है और इसके बाद पांच मैचों की टी20 सीरीज खेली जाएगी।

यानी रोहित और कोहली इस साल अब अक्तूबर में भारतीय जर्सी में नजर आएंगे। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के मौजूदा नियमों के अनुसार कोई भी खिलाड़ी पूरी तरह से फिट होने पर घरेलू मैच नहीं छोड़ सकता है और घरेलू मुकाबले में नहीं खेलने पर उसे राष्ट्रीय टीम से बाहर किया जा सकता है। हालांकि कोहली और रोहित को उनके कद को देखते हुए घरेलू प्रतियोगिताओं में खेलने से छूट मिल सकती है।

कैफ ने गिल को वनडे टीम की कप्तानी सौंपने की वकालत की
रोहित और कोहली 2027 वनडे विश्व कप के लिए भारतीय टीम का हिस्सा होंगे या नहीं इस पर स्पष्टता भविष्य में ही दिखेगी, लेकिन पूर्व भारतीय बल्लेबाज मोहम्मद कैफ ने एक बड़ी मांग कर दी है।

कैफ का मानना है कि इंग्लैंड में शानदार प्रदर्शन के बाद गिल रोहित की जगह वनडे टीम की कमान संभालने के लिए तैयार हैं। कैफ ने गिल के नेतृत्व क्षमता की सराहना करते हुए उन्हें एक शांत कप्तान बताया। उन्होंने जल्द ही गिल को रोहित शर्मा की जगह वनडे कप्तान बनाने का भी समर्थन किया। 

कैफ ने अपने यू-ट्यूब चैनल पर कहा, गिल बहुत ही शांत कप्तान हैं। उन्होंने दबाव में भी धैर्य के साथ नेतृत्व किया। उन्हें वनडे की कप्तानी भी मिलेगी क्योंकि हमें नहीं पता कि रोहित शर्मा कब तक कप्तान बने रहेंगे। गिल कप्तानी संभालने के लिए तैयार हैं। वह सफेद गेंद से रन बनाते हैं।

उन्होंने इंग्लैंड में टेस्ट मैचों में कप्तान के रूप में अच्छा प्रदर्शन किया है और आगे बढ़कर नेतृत्व किया है। जब आप एक युवा टीम के साथ जाते हैं तो आपको दोनों काम करने होते हैं बल्ले से रन बनाना और कप्तान के रूप में अच्छा प्रदर्शन करना। कुल मिलाकर उनके लिए यह दौरा शानदार रहा।