वर्ष 2024 में केवल 7% नियुक्तियां नई डिग्री धारकों की हुईं, जो पिछले साल की तुलना में 10% कम हैं। इस गिरावट का कारण है कि AI अब कई एंट्री-लेवल नौकरियां कर रहा है, जो पहले नए स्नातकों को दी जाती थीं। यह प्रवृत्ति आने वाले समय में नौकरी के स्वरूप और आवश्यकताओं को पूरी तरह बदल सकती है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में अग्रणी माने जाने वाले जेफ्री हिंटन ने एक चौंकाने वाली भविष्यवाणी की है। ब्रिटिश-कनाडाई कंप्यूटर वैज्ञानिक हिंटन ने हाल ही में दिए एक बयान में चेतावनी दी कि आने वाले 30 वर्षों में AI के कारण नौकरी बाजार में भारी उथल-पुथल हो सकती है, जिससे बड़ी संख्या में लोगों की नौकरियां खतरे में पड़ सकती हैं।

‘डायरी ऑफ ए सीईओ’ पॉडकास्ट के एक एपिसोड में हिंटन ने कहा कि AI लगभग हर क्षेत्र में मानव क्षमताओं को पार कर सकता है, जिससे व्यापक स्तर पर बेरोजगारी की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, हालांकि उन्होंने यह भी माना कि कुछ नौकरियां ऐसी होंगी जो AI के इस प्रभाव से सुरक्षित रह सकती हैं।

कौन सी नौकरियां AI से सुरक्षित रह सकती हैं?

हिंटन के अनुसार, AI को जटिल शारीरिक कार्यों में महारत हासिल करने में अभी समय लगेगा, इसलिए प्लंबिंग जैसी नौकरियां अब भी एक सुरक्षित विकल्प हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसे कार्य जो हस्तकौशल और मानव स्पर्श की मांग रखते हैं जैसे कि घरेलू काम या मैन्युअल सेवा क्षेत्र भविष्य में भी बने रह सकते हैं।

उनका मानना है कि जिन नौकरियों में केवल संज्ञानात्मक कौशल की आवश्यकता होती है, वे सबसे पहले AI के द्वारा प्रतिस्थापित की जाएंगी। इसका अर्थ है कि आने वाले समय में मनुष्यों को ऐसे कौशल विकसित करने होंगे जिन्हें AI आसानी से दोहरा न सके।

AI नए रोजगार पैदा करेगा या छीन लेगा?

हिंटन ने आम धारणा को चुनौती दी कि AI जितनी नौकरियां समाप्त करेगा, उतनी ही नई नौकरियां भी पैदा करेगा। उन्होंने कहा कि AI वह बौद्धिक कार्य करने में सक्षम होता जा रहा है जिसे फिलहाल इंसान कर रहे हैं। ऐसे में एक इंसान, AI की मदद से, दस लोगों का काम अकेले कर सकता है, जिससे कंपनियां कर्मचारियों की संख्या कम करने लगेंगी।

रोजगार पर दिखने लगे हैं प्रभाव

हिंटन की चेतावनियों के समर्थन में वेन्चर कैपिटल फर्म SignalFire की मई 2025 की एक रिपोर्ट भी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, Google और Meta जैसी बड़ी टेक कंपनियों ने 2023 और 2024 में नए स्नातकों की नियुक्ति में 25% तक की कमी की है। वर्ष 2024 में केवल 7% नियुक्तियां नई डिग्री धारकों की हुईं, जो पिछले साल की तुलना में 10% कम हैं। इस गिरावट का कारण है कि AI अब कई एंट्री-लेवल नौकरियां कर रहा है, जो पहले नए स्नातकों को दी जाती थीं। यह प्रवृत्ति आने वाले समय में नौकरी के स्वरूप और आवश्यकताओं को पूरी तरह बदल सकती है।