- पिछले करीब एक महीने से लगातार संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही थी, हालांकि एक-दो दिन में एक्टिव केस में कमी आई है।
- 15 जून (रविवार) को कुल 7383 एक्टिव मामले थे, जो अगले दिन यानी 16 जून को कम होकर 7264 हुए।
- 17 जून को इसमें और भी गिरावट आई है और अब कुल एक्टिव मामले 6836 हो गए हैं।
कोरोनावायरस संक्रमण के मामले पिछले करीब एक महीने से भारत में चिंता बढ़ाए हुए हैं। मंगलवार (17 जून) को देश में एक्टिव केस में थोड़ा सुधार हुआ है। सोमवार को कुल एक्टिव केस 7264 थे, जो मंगलवार को घटकर 6836 रह गए हैं। पिछले 24 घंटे में 428 मामलों में कमी दर्ज की गई है और बीते एक दिन में सिर्फ एक मौत हुई है। 1168 लोग या तो ठीक हुए हैं या उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिली है।
पिछले कई दिनों से लगातार संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही थी, हालांकि एक दो दिन में एक्टिव केस में कमी आई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ पहले से ही कहते रहे हैं कि भारत जैसे बड़े आबादी वाले देश में कोरोना के मामलों में इस तरह का उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। चूंकि संक्रमण का जोखिम लगातार बना हुआ है इसलिए सभी लोगों के लिए बचाव के निरंतर उपाय भी करते रहना जरूरी है। कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर (मास्क, भीड़-भाड़ से बचाव, हाथों की स्वच्छता) का पालन करके संक्रमण की रफ्तार में कमी लाई जा सकती है।
बीते एक दिन में कोरोना से एक की मौत
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के कोविड डैशबोर्ड पर साझा की गई जानकारियों के मुताबिक बीते एक दिन में एक व्यक्ति की कोरोना से जान गई है। ये मामला महाराष्ट्र में रिपोर्ट किया गया है। 44 वर्षीय महिला को कोविड-19 के साथ बैरिएट्रिक सर्जरी के बाद लिवर से संबंधित गंभीर समस्याएं थी, जिसके कारण उसकी स्थिति बिगड़ गई। इस पूरे साल अब तक कोरोना से मौत के कुल मामले 109 हो गए हैं।
सही साबित हो रही है महामारी विशेषज्ञ की बात
देश में ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट्स (NB.1.8.1 और XFG) की इस लहर की शुरुआत में ही अमर उजाला से बातचीत में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक हेल्थ, गांधीनगर गुजरात में संक्रामक रोग-महामारी विशेषज्ञ डॉ अनीश सिन्हा ने कहा था कि देश में जिस तेजी से संक्रमण बढ़ेगा, उतनी ही तेजी से इसके मामलों में कमी आएगी।
विशेषज्ञ की ये बात अब सही होती दिख रही है। पिछले दो दिनों के डेटा से पता चलता है कि कोरोना के मामले अब कम होने शुरू हो गए हैं।
- 15 जून (रविवार) को कुल 7383 एक्टिव मामले थे, जो अगले दिन यानी 16 जून को कम होकर 7264 हुए।
- 17 जून को इसमें और भी गिरावट आई है और अब कुल एक्टिव मामले 6836 हो गए हैं।
…पर कोरोना को हल्के में लेने की न करें भूल
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, भले ही संक्रमण की गति में अब कमी आती दिख रही है पर हमें निरंतर सावधान रहने की आवश्यकता है। कई अध्ययनों में स्पष्ट होता है कि ये वायरस शरीर को गंभीर रूप से क्षति पहुंचा सकता है।
16 जून को अमर उजाला में प्रकाशित रिपोर्ट में हमने बताया था कि दुनियाभर में अब भी बड़ी संख्या में ऐसे लोग हैं जिनमें कोरोना से ठीक होने के बाद भी पूरी तरह से सेहत में नहीं हुआ है। कोविड टेस्ट में पॉजिटिव न आने पर भी, कुछ लक्षण महीनों तक बने रह सकते हैं। पांच में से एक व्यक्ति को एक साल बाद तक क्वालिटी ऑफ लाइफ में समस्या बनी हुई है।
कोरोना से बचाव के उपायों का निरंतर पालन करते रहना जरूरी
डॉक्टर कहते हैं, कोरोना वायरस हमारे आसपास हमेशा मौजूद रहता है और समय के साथ म्यूटेशन के कारण ये फिर से एक्टिव हो जाता है। भविष्य में इसके और नए वैरिएंट्स और नई लहरों की आशंकाओं को इग्नोर नहीं किया जा सकता है। इसलिए सबसे जरूरी है कि हम कोरोना के साथ ही रहना सीख लें।
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले उपाय, कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन, मास्क लगाना, हाथों की स्वच्छता का ध्यान रखना और भीड़-भाड़ से बचना ये पांच तरीके हैं जो आपको संक्रमण के खतरे से बचाए रखने में मददगार हो सकते हैं। सभी लोगों को इन उपायों का निरंतर पालन करते रहना चाहिए।
थोड़ी सी सावधान न सिर्फ हमें कोरोना से बचाए रखेगी साथ ही इस वायरस को गंभीर बनने से भी रोकेगी।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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