घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 790.87 अंक गिरकर 73,821.56 पर और निफ्टी 231.15 अंक गिरकर 22,313.90 पर करोबार करता दिखा। देखते ही देखते सेंसेक्स 900 अंकों से अधिक की गिरावट दिखी।

वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख के कारण घरेलू शेयर बाजार में बिकवाली का तूफान शुक्रवार को जारी है। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन सेंसेक्स 1000 अंकों तक फिसल गया। दूसरी ओर, निफ्टी भी लगभग 300 अंकों तक टूट गया। सुबह 9 बजकर 50 मिनट पर सेंसेक्स 940.77 (1.26%) अंक गिरकर 73,703.80 के स्तर पर पहुंच गया। दूसरी ओर, निफ्टी 272.96 (1.21%) अंक टूटकर 22,272.10 पर कारोबार करता दिखा।

बीते छह महीने में सेंसेक्स करीब 8,897.66 अंक यानी 10.78% तक गिर चुका है। दूसरी ओर, निफ्टी में इस दौरान 3,026.85 या 11.97% की गिरावट दर्ज की गई है। बाजार में जारी लगातार गिरावट से अब निवेशक इस बात को लेकर परेशान होने लगे हैं कि उन्हें आगे कौन सी रणनीति अपनानी चाहिए?

सेंसेक्स-निफ्टी में शामिल अधिकतर कंपनियों में बिकवाली हावी

सेंसेक्स में सूचीबद्ध 30 कंपनियों में से अधिकतर शुक्रवार को लाल निशान पर कारोबार करते दिखे। इंडसइंड बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, इंफोसिस, टाटा स्टील, टाटा मोटर्स और मारुति के शेयर सबसे ज्यादा नुकसान में रहे। रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी बैंक के शेयर मुनाफे में रहे। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.47 प्रतिशत की गिरावट के साथ 73.69 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर सपाट रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बृहस्पतिवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 556.56 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

वॉल स्ट्रीट सूचकांक में भारी गिरावट के बाद एशियाई बाजार भी टूटे

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तकनीक से जुड़े संदेह के कारण वॉल स्ट्रीट सूचकांक में भारी गिरावट के बाद एशियाई बाजार में शुक्रवार को बड़ी गिरावट दिखी। जापान, हांगकांग और दक्षिण कोरिया के शेयर बाजारों में 2% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा मैक्सिको और कनाडा से आयात पर 25% टैरिफ लगाने तथा चीनी उत्पादों पर टैरिफ को दोगुना कर 20% करने के निर्णय से भी निवेशक असमंजस में हैं।

प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में गिरावट के बाद फिसला वैश्विक बाजार

टोक्यो का निक्केई 225 सूचकांक 3.4% गिरकर 36,939.89 पर आ गया। यह गिरावट प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों की कीमतों में गिरावट के कारण आई। कंप्यूटर चिप परीक्षण उपकरण निर्माता एडवांटेस्ट में 9.4% की गिरावट आई, एक अन्य उपकरण निर्माता डिस्को कॉर्प में 11.1% की गिरावट आई और टोक्यो इलेक्ट्रॉन में 5.3% की गिरावट आई।

हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक 2.3% गिरकर 23,175.49 पर आ गया, जबकि शंघाई कम्पोजिट सूचकांक 0.9% गिरकर 3,358.28 पर आ गया। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3.2% गिरकर 2,538.07 पर आ गया। ऑस्ट्रेलिया में, एसएंडपी/एएसएक्स 200 1.1% गिरकर 8,174.10 पर आ गया। गुरुवार को एसएंडपी 500 1.6% गिरकर 5,861.57 पर आ गया और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 0.4% गिरकर 43,239.50 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 2.8% गिरकर 18,544.42 पर आ गया।

रुपया शुरुआती कारोबार में 19 पैसे टूटकर 87.37 प्रति डॉलर पर

रुपया शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में 19 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 87.37 पर आ गया। अमेरिकी मुद्रा की मजबूती और घरेलू शेयर बाजारों में नकारात्मक रुख ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि अमेरिका के शुल्क लगाए जाने को लेकर जारी अनिश्चितता ने वित्तीय बाजारों को अस्थिर कर दिया है। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 87.32 पर खुला और फिर 87.37 प्रति डॉलर पर आ गया, जो पिछले बंद भाव से 19 पैसे की गिरावट दर्शाता है।

रुपया गुरुवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 87.18 पर लगभग स्थिर बंद हुआ था। इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.10 प्रतिशत की बढ़त के साथ 107.35 पर रहा।

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