फैटी लीवर की समस्या बहुत खतरनाक होती है, और ध्यान देने वाली बात यह है कि इसके शुरुआती लक्षण बहुत आम होते हैं जिसे सामान्यतौर पर लोग नजरअंदाज कर देते हैं। आइए इस लेख में इसके लक्षण और इससे बचाव के कुछ सरल उपाय के बारे में जानते हैं।
लिवर हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। यह पाचन से लेकर शरीर से गंदगी निकालने और हमें ऊर्जा देने जैसे सैकड़ों अहम काम करता है। लेकिन आज की भागदौड़ भरी जींदगी में खाने-पीने की आदतों की वजह से एक खतरनाक समस्या तेजी से फैल रही है, जिसे हम फैटी लिवर कहते हैं।
अक्सर यह बीमारी बिना किसी बड़े लक्षण के चुपचाप पनपती है। यही कारण है कि लोग इसकी गंभीरता को समझ ही नहीं पाते है। हालांकि, जब इसके संकेत दिखना शुरू होते हैं, तो वे इतने आम लगते हैं कि हम उन्हें अक्सर अनदेखा कर देते हैं। जैसे, अगर आपको बिना वजह थकान, कमजोरी या भूख की कमी महसूस हो रही है, तो इसे सामान्य मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। ये लक्षण आपके लिवर में जरूरत से ज्यादा चर्बी जमा होने का एक गंभीर इशारा हो सकते हैं। इसलिए समय रहते सतर्क होना बहुत जरूरी होता है।
क्या है फैटी लीवर?
फैटी लीवर एक ऐसी स्थिति है जिसमें लिवर की कोशिकाओं में सामान्य से ज्यादा फैट जमा हो जाती है। यह मुख्य रुप से दो प्रकार का होता है- अल्कोहलिक फैटी लीवर डिजीज, जो ज्यादा शराब पीने से होता है, और नॉन-अल्कोहलिक फैटी लीवर डिजीज (NAFLD), जो शराब न पीने वालों में भी होता है।
नॉन-अल्कोहलिक फैटी लीवर डिजीज आजकल ज्यादा आम है और इसके मुख्य कारण हैं मोटापा, टाइप 2 डायबिटीज, उच्च कोलेस्ट्रॉल, मेटाबॉलिक सिंड्रोम और अनहेल्दी डाइट। जब लिवर में फैट जमा होने लगता है, तो इसकी काम करने की क्षमता प्रभावित होती है, जिससे धीरे-धीरे शरीर में कई परेशानियां शुरू हो जाती हैं।
फैटी लीवर के लक्षण
फैटी लीवर के शुरुआती लक्षण अक्सर बहुत मामूली होते हैं, बहुत से लोग नजरअंदाज कर देते हैं। आइए उन लक्षणों के बारे में जानते हैं-
थकान और कमजोरी
लिवर शरीर की ऊर्जा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। जब लिवर पर फैट जमा होता है, तो वह ठीक से काम नहीं कर पाता, जिससे लगातार थकान और कमजोरी महसूस होती है।
भूख की कमी
लिवर के प्रभावित होने पर पाचन क्रिया धीमी पड़ जाती है, जिससे व्यक्ति को भूख कम लगती है और खाने का मन नहीं करता। यह वजन घटने का भी कारण बन सकता है।
पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में बेचैनी
लिवर पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में स्थित होता है। फैट बढ़ने या सूजन होने पर यहां हल्का दबाव या बेचैनी महसूस हो सकती है।
मतली
कुछ लोगों को पाचन में गड़बड़ी के कारण मतली या हल्का जी मिचलाने का अनुभव हो सकता है।
जब फैटी लीवर गंभीर बन जाता है
यदि फैटी लीवर का समय पर इलाज न किया जाए, तो यह गंभीर रूप ले सकता है। यह नॉन-अल्कोहलिक स्टीटोहेपेटाइटिस (NASH) में बदल सकता है, जहां लिवर में सूजन और कोशिकाओं को नुकसान पहुंचता है। गंभीर अवस्था में दिख सकने वाले लक्षणों में पीलिया (त्वचा और आंखों का पीला पड़ना), पेट में तरल पदार्थ जमा होना (सूजन), पैरों और टखनों में सूजन, मानसिक भ्रम और घाव का जल्दी न भरना शामिल है। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
बचाव और स्वस्थ जीवनशैली
अच्छी बात यह है कि फैटी लीवर की समस्या को, खासकर शुरुआती चरणों में, जीवनशैली में बदलाव करके काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। इसके लिए-
संतुलित आहार अपनाएं
प्रोसेस्ड फूड, ज्यादा चीनी और अस्वस्थ वसा का सेवन कम करें। फल, सब्जियां, साबुत अनाज और लीन प्रोटीन को अपनी डाइट में शामिल करें।
नियमित व्यायाम करें
रोजाना कम से कम 30 मिनट की शारीरिक गतिविधि फैट को कम करने और लिवर के स्वास्थ्य को सुधारने में मदद करती है।
स्वस्थ वजन बनाए रखें
मोटापा फैटी लीवर का एक बड़ा कारण है, इसलिए वजन को नियंत्रित रखना जरूरी है।
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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