नॉर्ट्रे डैम यूनिवर्सिटी ने अपनी स्टडी में 15 ब्राडंस के स्मार्टवॉच को केमिकल पाए जाने के वजह से कैंसर कारक घोषित किया है। दरअसल, इन स्मार्टवच के रबर बैंड में कैंसर पैदा करने वाले कैमिकल होने का दावा किया गया है।

अगर स्मार्टवॉच पहनने से अपकी हेल्थ सुधर रही है, तो अब ये सोच बदल लीजिए। दरअसल, ऐसा हम नहीं कह रहे, बल्कि एक रिसर्च में खुद ये सच्चाई सामने आई है। बीते दिनों अमेरिका की नॉर्ट्रे डैम यूनिवर्सिटी ने मार्केट में बिकने वाले 22 पॉपुलर स्मार्टवॉच ब्रांड्स के प्रोडक्ट्स पर स्टडी की जिसमें से 15 स्मार्टवॉच में कैंसर पैदा करने वाले हानिकारक कैमिकल्स पाए गाए। रिसर्च में इन कैमिकल्स को “फॉरेवर कैमिकल्स” नाम दिया गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि ये केमिकल्स पर्यावरण में कई सालों तक रहते हैं और काफी मुश्किल से विघटित होते हैं।

15 ब्रांड्स के स्मार्टवॉच में मिले कैमिकल

नॉर्ट्रे डैम यूनिवर्सिटी ने अपनी स्टडी में 15 ब्राडंस के स्मार्टवॉच को केमिकल पाए जाने के वजह से कैंसर कारक घोषित किया है। दरअसल, इन स्मार्टवच के रबर बैंड को बनाने में फ़्लोरोएलास्टोमर रबर का इस्तेमाल किया जाता है, जो एक प्रकार का सिंथेटिक रबर है और यह तेल, पसीने जैसे तरल पदार्थों का प्रतिरोधक होता है।

वैज्ञानिकों ने पाया कि रबर बैंड में इस्तेमाल होने वाला फ़्लोरोएलास्टोमर कंपाउंड कैंसर पैदा कर सकता है। रबर बैंड में इसका घनत्व 1% से भी कम होता है, लेकिन इतनी ही मात्रा एक साधारण व्यक्ति में कैंसर पैदा करने के लिए काफी होता है।

बैन लगाने की उठ चुकी है मांग

रिसर्च में पाया गया कि स्मार्टवॉच के रबर बैंड को बनाने में 40 प्रतिशत तक कैमिकल का इस्तेमाल होता है। इसे बनाने में ऐसे केमिकल्स को उपयोग में लाया जाता है जो कार्पेट, पेपर और कीड़े मारने वाली दवाइयों में भी पाए जाते हैं।

इन केमिकल्स से लिवर की बीमारी होने का खतरा रहता है। इतना ही नहीं, यूरोपियन यूनियन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फ़्लोरोएलास्टोमर कंपाउंड से बनाए जाने वाले कन्ज्यूमर प्रोडक्ट्स पर बैन लगाने की मांग की है। इस रिसर्च से हुए खुलासों को इकोटॉक्सिकोलॉजी एंड एनवायरनमेंटल सेफ्टी जर्नल में प्रकाशित किया गया है।

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