डी.ए.वी. नंदराज पब्लिक स्कूल की बालवाटिका कक्षा के नन्हे-मुन्ने विद्यार्थियों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुति के माध्यम से विद्यालय परिसर को जन्माष्टमी के उल्लास से सराबोर कर दिया। बच्चों ने श्रीकृष्ण और सुदामा की सच्ची मित्रता की मार्मिक कथा को जीवंत मंचन के रूप में प्रस्तुत किया।
इन मासूम बच्चों ने अपने अभिनय के जरिए यह संदेश दिया कि सच्ची मित्रता धन-दौलत या पद-प्रतिष्ठा पर नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास और निःस्वार्थ भाव पर आधारित होती है। रंग-बिरंगे परिधानों, मधुर संगीत और बच्चों की निश्छल भावनाओं ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
विद्यालय के प्राचार्य ने नन्हे कलाकारों और उनके शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि “कृष्ण और सुदामा की मित्रता हमें यह सिखाती है कि असली समृद्धि भौतिक वस्तुओं में नहीं, बल्कि हृदय की सच्चाई और प्रेम में होती है।” उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे भौतिकता से ऊपर उठकर रिश्तों को महत्व दें।
कार्यक्रम का समापन श्रीकृष्ण भजनों के मधुर गान और “जय श्री कृष्ण” के उल्लासपूर्ण जयघोष के साथ हुआ। इसने पूरे वातावरण को भक्तिमय और अविस्मरणीय बना दिया।
