भारत की पहली कंपनी, जिसने विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की वैश्विक सिफारिशों के अनुसार वैक्सीन पेश की

डब्ल्यूएचओ ने एनएच 2025-26 सीज़न के लिए स्ट्रेन्स की सिफारिश की है:

  • ए/विक्टोरिया/4897/2022 (एच1एन1)पीडीएम09-जैसा वायरस
  • ए/क्रोएशिया/10136RV/2023 (एच3एन2)-जैसा वायरस
  • बी/ऑस्ट्रिया/1359417/2021 (बी/विक्टोरिया वंशावली)-जैसा वायरस

मुंबई, सितम्बर 2025: ग्लोबल इनोवेशन-ड्रिवन हेल्थकेयर कंपनी, ज़ाइडस लाइफसाइंसेस लिमिटेड ने आज भारत में पहली बार अपना ट्राइवेलेन्ट इन्फ्लुएंज़ा (फ्लू) वैक्सीन, वैक्सीफ्लू लॉन्च किया, जो डब्ल्यूएचओ की वैश्विक जरूरतों के अनुरूप है।

सीज़नल इन्फ्लूएंज़ा के अलावा, फ्लू भी हर साल गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनी रहती है, जिससे 30-50 लाख लोग गंभीर रूप से बीमार होते हैं और लगभग 2.9 लाख से 6.5 लाख लोगों की मृत्यु श्वसन संबंधी कारणों से हो जाती है। यह बीमारी शिशुओं, बुज़ुर्गों और क्रॉनिक बीमारियों से जूझ रहे लोगों को सबसे ज्यादा प्रभावित करती है।

क्यों ज़रूरी है ट्राइवेलेन्ट वैक्सीन?

सीज़नल फ्लू के वायरस हर साल बदलते रहते हैं, इसलिए हर बार नई वैक्सीन बनाने की आवश्यकता होती है। इसके लिए डब्ल्यूएचओ का ग्लोबल सर्विलांस सिस्टम- जीआईएसआरएस लगातार नज़र रखता है।

फ्लू वैक्सीन क्वाड्रावेलेन्ट और ट्राइवेलेन्ट दोनों रूपों में उपलब्ध है, लेकिन मार्च 2020 से इन्फ्लुएंज़ा बी यामागाटा वायरस का कोई केस सामने नहीं आया है। इसी वजह से डब्ल्यूएचओ, सीडीसी जैसी ग्लोबल रेग्युलेटरी बॉडीज़ ने कहा है कि अब बी/यामागाटा को वैक्सीन की श्रेणी में शामिल करने की जरूरत नहीं है।

अमेरिका समेत लगभग 40 देश पहले ही ट्राइवेलेन्ट वैक्सीन अपना चुके हैं। भारत में भी बी/यामागाटा वायरस की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। इसलिए ट्राइवेलेन्ट वैक्सीन ही सबसे वैज्ञानिक और सुरक्षित विकल्प है।

विशेषज्ञों की राय

डॉ. परवेज़ कौल, एफआरसीपी (पल्मोनरी मेडिसिन) और एफईआरएस (यूरोपियन रेस्पिरेटरी सोसाइटी) ने कहा:
“इन्फ्लुएंज़ा वैक्सीन अब भी सीज़नल फ्लू और उससे होने वाली जटिलताओं से बचाव का सबसे असरदार तरीका है। … उस वायरस के लिए वैक्सीन निकालने का कोई मतलब नहीं है, जो पिछले पाँच सालों से मौजूद ही नहीं है।”

ज़ाइडस लाइफसाइंसेस लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. शारविल पटेल ने कहा: “आज जब हम कई तरह की संक्रामक और संचारी बीमारियों से जूझ रहे हैं, ऐसे समय में बेहतर स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए उचित वैक्सीन की बहुत जरुरत है। हमारी कोशिश हमेशा यही रही है कि हम ग्लोबल गाइडलाइन्स के अनुरूप समय पर वैक्सीन उपलब्ध कराएँ। हमें पूरा विश्वास है कि इससे हाई-रिस्क ग्रुप्स में जटिलताएँ काफी कम हो जाएँगी।”

भारत सरकार की मंज़ूरी

डब्ल्यूएचओ की 2025-26 की नॉर्दर्न हेमिस्फीयर (एनएच) स्ट्रेन सिफारिशों और मार्च 2020 से बी/यामागाटा स्ट्रेन की अनुपस्थिति को देखते हुए, नेशनल सेंटर फॉर डिसीज़ कंट्रोल (एनसीडीसी), भारत सरकार ने भी एनएच 2025-26 सीज़न में ट्राइवेलेन्ट इन्फ्लुएंज़ा वैक्सीन के इस्तेमाल की सिफारिश की है।

वैक्सीफ्लू किसके लिए?

वैक्सीफ्लू – ट्राइवेलेन्ट इन्फ्लुएंज़ा वैक्सीन (टीआईवी)

  • 6 महीने और उससे ऊपर की उम्र वाले व्यक्तियों के लिए
  • डब्ल्यूएचओ की सालाना सर्विलांस और सिफारिशों के आधार पर चुने गए लेटेस्ट अपडेटेड स्ट्रेन्स शामिल
  • मौजूदा सीज़न में बेहतर सुरक्षा और सटीक वैक्सीनेशन सुनिश्चित

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