शोध बताते हैं कि चुइंगम चबाने की आदत आपके लिए कई प्रकार से लाभकारी हो सकती है, जबकि कुछ विशेषज्ञ कहते हैं ज्यादा चुइंगम चबाने से आपको बचना चाहिए।
आपने भी अपने आस-पास कई लोगों को अक्सर चुइंगम चबाते हुए देखा होगा, हो सकता है आप भी इसका शौकीन हों। पर क्या आप इसके फायदे और नुकसान के बारे में जानते हैं? वर्षों से लोग अलग-अलग तरह की च्युइंग गम चबाते आ रहे हैं।
सबसे पहले चुइंगम पेड़ों के रस से बनाए जाते थे, बाद में इसके स्वाद को बढ़ाने के लिए कई प्रकार के फ्लेवर मिलाए जाने लगे। कुछ शोध बताते हैं कि चुइंगम चबाने की आदत आपके लिए कई प्रकार से लाभकारी हो सकती है, जबकि कुछ विशेषज्ञ कहते हैं ज्यादा चुइंगम चबाने से आपको बचना चाहिए।
अगर आप भी चुइंगम चबते रहते हैं तो अगली बार इसे चबाने से पहले फायदे और नुकसान के बारे में भी जान लीजिए।
चुइंगम में क्या चीजें होती है?
चुइंगम एक नरम और रबड़ नुमा खाद्य पदार्थ होता है जिसे चबाया तो जाता है लेकिन निगला नहीं जाता। अलग-अलग ब्रैंड के चुइंगम का फ्लेवर अलग-अलग हो सकता है।
चुइंगम को तैयार करने के लिए रेजिन का इस्तेमाल किया जाता है जो गम को मजबूत बनाने और उसे एक साथ रखने के लिए मिलाया जाता है। कुछ चुइंगम में प्रिजर्वेटिव का भी इस्तेमाल किया जाता रहा है जो इनके शेल्फ लाइफ को बढ़ाने के लिए मिलाया जाता है।
चुइंगम चबाने के क्या फायदे हैं?
कई शोध बताते हैं कि अगर आप चुइंगम चबाते रहते हैं तो इससे कई प्रकार के लाभ मिल सकते हैं। ये ध्यान और एकाग्रता बढ़ाने में सहायक है। साल 2013 में ब्रिटिश जर्नल ऑफ साइकोलॉजी में प्रकाशित एक अध्ययन से पता चलता है कि चुइंगम चबाने से मानसिक सतर्कता और एकाग्रता बढ़ती है। यह विशेष रूप से लंबे समय तक काम करने या पढ़ाई करने वाले लोगों के लिए फायदेमंद हो सकता है।
- चुइंगम चबाने की आदत तनाव और चिंता को भी कम करती। चुइंगम चबाने से कोर्टिसोल (तनाव हार्मोन) का स्तर कम हो सकता है, जिससे तनाव और चिंता में राहत मिलती है।
- चुइंगम लार के उत्पादन को भी बढ़ता है, जो पाचन में मदद करने और एसिडिटी को कम करने में आपके लिए लाभप्रद हो सकती है।
- सांसों की दुर्गंध कम करने के लिए भी इसका इस्तेमाल किया जाता रहा है।
इसके नुकसान भी जान लीजिए
चुइंगम चबाने के वैसे तो कई सारे फायदे हैं पर इसके कुछ नुकसान भी जानना जरूरी है।
अमेरिकन डेंटल एसोसिएशन ने एक रिपोर्ट में बताया कि बार-बार चुइंगम चबाने से टेम्पोरोमैंडिबुलर जॉइंट डिसऑर्डर हो सकता है, जिससे जबड़े में दर्द और अकड़न महसूस हो सकती है। अत्यधिक चुइंगम चबाने से जबड़े की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। चीनी युक्त चुइंगम का अधिक सेवन दांतों में कैविटी का कारण बन सकता है।
शुगर-फ्री चुइंगम बेहतर विकल्प है। किशोरों पर किए गए एक अध्ययन में पाया गया कि अधिक चुइंगम चबाने से माइग्रेन और सिरदर्द की समस्या बढ़ सकती है।
इन बातों का रखिए ध्यान
स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं अगर आपको चुइंगम पसंद है, तो जाइलिटोल से बनी शुगर-फ्री गम सबसे अच्छा हो सकता है। यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि इसमें कोई ऐसा तत्व न हो जिससे आपको एलर्जी है, इसलिए गम पर लिखी सामग्री की सूची अवश्य पढ़ें। सीमित मात्रा में ही चुइंगम चबाएं।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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