एनएसडीएल के आंकड़ों के अनुसार बीते हफ्ते में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजारों में 1,209 करोड़ रुपये का निवेश किया है। वहीं निवेशकों ने 20 जून तक बाजार से 4,192 करोड़ रुपये निकाले।

विदेशी निवेशकों ने इस सप्ताह भारतीय बाजारों में 1,209 कोरड़ रुपये डाले हैं। 16 जून से 20 जून के दौरान भारतीय इक्विटी बाजार में विदेशी निवेश सकारात्मक रहा। बुधवार और शुक्रवार को हुई खरीदारी से बाजार को काफी समर्थन मिला। नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (एनएसडीएल) के जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली है। इस सप्ताह में सकारात्मक गतिविधियों के बावजूद, जून महीने में विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (एफपीआई) प्रवाह अभी तक नकारात्मक बना हुआ है। 

ब्लॉक डील और एफटीएसई इंडेक्स ने बाजार को सहारा दिया

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के वेल्थ मैनेजमेंट के हेड रिसर्च सिद्धार्थ खेमका ने कहा कि हफ्ते के दौरान हुई कई ब्लॉक डील में विदेशी निवेशकों की मजबूत भागीदारी देखने को मिली। साथ ही, शुक्रवार को एफटीएसई इंडेक्स में पुनर्संतुलन के चलते भी विदेशी पूंजी का प्रवाह तेज रहा। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत है, जो स्वस्थ आर्थिक विकास, कई वर्षों की कम महंगाई, ब्याज दरों में कटौती और समान्य बेहतर मानसून की संभावनाओं से प्रेरित है। 

शुद्ध निकासी में आया सुधार 

एनएसडीएल के अनुसार 20 जून तक विदेशी निवेशकों ने बाजार से 4,192 कोरड़ रुपये निकाले। हालांकि, यह 13 जून के समाप्त सप्ताह से बेहतर है। इस दौरान शुद्ध निकासी 5,402 करोड़ रुपये था। यह सुधार एफपीआई भावना में कुछ स्थिरता की ओर इशारा करती है। 

वैश्विक और घरेलू कारकों का एफपीआई पर पड़ेगा असर 

खेमका ने आगे कहा कि हालिया निवेश भारत की मजबूत आर्थिक बुनियाद से हो रहा है। वैश्विक अनिश्चतताओं के बावजूद निवेशकों का भारतीय बाजारों पर भरोसा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि आने वाले सप्ताह में वैश्विक और घरेलू दोनों कारक एफपीआई रुझानों को प्रभावित करेंगे। इसमें पश्चिम एशिया में चल रहा भू-राजनीतिक तनाव , तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अमेरिकी टैरिफ शामिल है। वहीं, घरेलू स्तर पर, मैक्रोइकॉनॉमिक इंडिकेटर्स, संस्थागत खरीद समर्थन और मानसून की प्रगति, उपभोग प्रवृत्तियों और बुनियादी ढ़ांचे को बढ़ावा जैसे क्षेत्र का असर पड़ेगा। 

इससे पहले मई में एफपीआई प्रवाह सकारात्मक रहा। यह 19,860 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। इससे विदेशी निवेश के मामले में मई अब तक इस साल का सबसे अच्छा प्रदर्शन वाला महीना बन गया।