देवली: उत्क्रमित मध्य विद्यालय देवली में क्रीड़ा भारती धनबाद जिला के तत्वाधान में कबड्डी और योग की प्रतियोगिता आयोजित की गई। प्रतियोगिता में विद्यालय के कक्षा 6 से 8 तक के छात्र और छात्राओं ने भाग लिया।

विद्यालय के प्रधानाचार्य अवनिकांत झा जी की देखरेख में सभी कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौका पर क्रीड़ा भारती के क्षेत्रीय मातृ शक्ति प्रमुख शकुन्तला मिश्रा, झारखंड प्रांत संपर्क प्रमुख कौशल कुमार, धनबाद जिला सचिव मुकुल पाण्डेय और पारस जायसवाल जी की उपस्थिति रही।

क्रीड़ा भारती के क्षेत्रीय मातृ शक्ति प्रमुख शकुन्तला मिश्रा जी सभी विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कृत किया और शुभकामनाएं दीं।

प्रांत संपर्क प्रमुख कौशल कुमार ने कबड्डी खेल को लेकर बताया कि यह संघ शताब्दी का वर्ष है। 2036 का ओलम्पिक भारत में हो, यह हम सब की अभिलाषा है ।

1936 में बर्लिन ओलम्पिक के समय हनुमान व्यायाम प्रसारक मंडल अमरावती, महाराष्ट्र द्वारा वहां प्रथम बार कबड्डी का प्रदर्शन हुआ था उसके भी 100 वर्ष 2036 में होंगे।

भारत सरकार 2036 के ओलम्पिक खेलो को भारत में आयोजित करने के लिए प्रयास कर रही हैं। इसी लिए भारत के सर्वाधिक लोकप्रिय खेल कबड्डी को 2036 में होने वाले ग्रीष्म कालीन ओलम्पिक खेलो में सम्मिलित करने का लक्ष्य संकल्पित किया गया है।

इसी की पृष्ठभूमि में क्रीड़ा भारती का लक्ष्य है कि संपूर्ण देश में कबड्डी के प्रति भाव जागरण एवम् कबड्डी को और अधिक प्रचार प्रसार मिले इसके लिए कबड्डी स्पर्धाओं का आयोजन हो।

क्रीड़ा भारती धनबाद जिला के सचिव मुकुल पाण्डेय ने कहा कि कबड्डी की इस स्पर्धा को सफल बनाने के लिए आयोजन समिति का गठन किया गया है ।

साथ ही जिला सभी खिलाड़ियों, विद्यालय, अतिथिगण, खेल संस्थान से आग्रह किया कि आगामी कबड्डी खेल आयोजन में बढ़ चढ़ कर भाग ले और कबड्डी खेल के प्रति महौल बनाए। इस स्पर्धा में महिला पुरुष की टोली भाग ले सकती है।

इसमें आयु वर्ग क्रमशः (1) 10 से 14 वर्ष, (2) 14 से 19 वर्ष, (3) 19 से 35 वर्ष, (4) 35 वर्ष से ऊपर के खिलाड़ी भाग ले सकते है।

सभी टीमों का रजिस्ट्रेशन ऐप के माध्यम से होगा जिसे अपने मोबाइल या लैपटॉप से कर पाएंगे। टीम रजिस्ट्रेशन के लिए लिंक https://kabaddi.kreedabharati.org है।

इस मौका पर विद्यालय के शिक्षक गण का बहुत ही अच्छा योगदान रहा जो कि क्रमशः श्री जितेन गोराई, लीलावती देवी, श्री नागेंद्र कुंभकार, शकुन्तला गोराई और डेप्युटेड शिक्षक सुभाष कुमार चटर्जी,मनोज गोप और रणजीत गोप की थी।