कर्ज के ऊंचे ब्याज से परेशान लोगों को राहत मिलेगी। अगस्त तक आरबीआई रेपो दरों में तीन बार में 0.75 फीसदी कटौती कर सकता है। इससे पहले फरवरी में 0.25 फीसदी की कमी की थी। इस तरह महज 7 महीने के भीतर ही रेपो दर में कुल एक फीसदी की कटौती से आने वाले समय में किस्त में भारी कमी आ सकती है।

अर्थशास्त्रियों का अनुमान
60 में से 54 अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि आरबीआई 7-9 अप्रैल की बैठक में रेपो दर को 0.25 फीसदी घटाकर 6 फीसदी कर देगा। एएनजेड के अर्थशास्त्री धीरज निम ने कहा, वित्त वर्ष 2026 में वृद्धि के लिए बहुत अधिक मजबूत कारक नहीं हैं। आरबीआई को वृद्धि के लिए समर्थन बनाए रखने की जरूरत है। महंगाई ने भी उनके लिए राहत की बहुत गुंजाइश बनाई है। आरबीआई ने मुद्रा आपूर्ति बढ़ाने के लिए कुछ महीनों में बैंकिंग प्रणाली में लगभग 64 अरब डॉलर डाले हैं। अब दरों में गिरावट की जरूरत है, क्योंकि खर्च व निवेश में मंदी है व वास्तविक दरों को उस परिप्रेक्ष्य से समायोजित करने की जरूरत है। 

तरलता में सुधार होने में समय लगेगा 
अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्त वर्ष में तरलता में सुधार होने लगेगा, क्योंकि सरकारी खर्च में भी तेजी आएगी। एचडीएफसी बैंक की प्रमुख अर्थशास्त्री साक्षी गुप्ता ने कहा, आरबीआई अधिकतम तीन बार दर में कटौती करेगा। इंडिया रेटिंग्स एंड रिसर्च ने कहा, अप्रैल में 0.25 फीसदी की कटौती हो सकती है। हालांकि, यदि अमेरिकी टैरिफ का प्रभाव अपेक्षा से अधिक हुआ, तो आरबीआई अधिक ढील दे सकता है।

सरकार ने 37.39 लाख टन चना व मसूर की खरीद को दी मंजूरी
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बृहस्पतिवार को कहा कि सरकार ने 2025 रबी विपणन सत्र के लिए 37.39 लाख टन चना, मसूर और 28.28 लाख टन सरसों की खरीद को मंजूरी दी है। चौहान ने राज्य सरकारों से आग्रह किया कि वे सुनिश्चित करें कि खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से कम पर न की जाए। जिंसों की खरीद केंद्रीय नोडल एजेंसियों भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ लि. (नेफेड) और भारतीय राष्ट्रीय सहकारी उपभोक्ता संघ लि. (एनसीसीएफ) के माध्यम से होगी। राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात इनके प्रमुख उत्पादक राज्य हैं। चौहान ने कहा कि दलहनों की खरीद में 27.99 लाख टन चना और 9.40 लाख टन मसूर शामिल है। खरीफ (ग्रीष्म) दालों के बारे में मंत्री ने कहा कि तुअर की खरीद 2.46 लाख टन तक पहुंच गई है, जिससे 1.71 लाख किसानों को लाभ हुआ है। तुअर, उड़द और मसूर की खरीद आंध्र प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र सहित नौ राज्यों से की जा रही है।  चौहान ने कहा, आंध्र प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र और तेलंगाना में एमएसपी पर खरीद जारी है। उत्तर प्रदेश में तुअर की कीमतें वर्तमान में एमएसपी से अधिक हैं और केंद्र नोडल एजेंसियों के जरिये 100 प्रतिशत खरीद के लिए प्रतिबद्ध है। कर्नाटक में खरीद अवधि 30 दिन बढ़ाकर एक मई कर दी गई है। 

टीवी को पीछे छोड़ सबसे बड़ा सेगमेंट होगा डिजिटल मीडिया मनोरंजन क्षेत्र
भारत में डिजिटल मीडिया 2024 में पारंपरिक टेलीविजन से आगे निकल जाएगा। यह मीडिया और मनोरंजन क्षेत्र में सबसे बड़ा सेगमेंट बन जाएगा। कुल राजस्व में इसका 32 प्रतिशत का योगदान होगा। फिक्की और अर्न्स्ट एण्ड यंग की रिपोर्ट के अनुसार, डिजिटल मीडिया 2026 में विज्ञापन राजस्व में एक लाख करोड़ रुपये को पार करने वाला पहला सेगमेंट बन सकता है।

रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय मीडिया एवं मनोरंजन क्षेत्र (एमएंडई) अगले तीन वर्षों में सात प्रतिशत से अधिक की दर से बढ़कर तीन लाख करोड़ रुपये के पार पहुंच जाएगा। 2024 में कुल 2.5 लाख करोड़ रुपये के मूल्यांकन तक पहुंच गया और 2024 में भारत के सकल घरेलू उत्पाद यानी जीडीपी में 0.73 प्रतिशत का योगदान दिया। भारतीय मीडिया एवं मनोरंजन क्षेत्र के 2025 में 7.2 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 2.7 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है। 2027 तक 7 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर से बढ़कर 3.1 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। रिपोर्ट के अनुसार, यह विकास नवोन्मेषी व्यापार मॉडल और रणनीतिक गठबंधनों से संभव होगा।

29-31 मार्च को खुले रहेंगे आयकर विभाग के ऑफिस
करदाताओं को चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए लंबित टैक्स से जुड़े कामकाज निपटाने में सुविधा देने के लिए देशभर में आयकर विभाग के कार्यालय 29 से 31 मार्च तक खुले रहेंगे। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने कहा, सप्ताहांत और सोमवार को पड़ने वाली ईद-उल-फितर के बावजूद सभी आयकर कार्यालय 29, 30 और 31 मार्च, 2025 को खुले रहेंगे। 31 मार्च, 2025 चालू वित्त वर्ष का अंतिम दिन है।

बैंक भी 31 मार्च को खुलेंगे
करदाताओं की सुविधा के लिए सरकारी कामकाज करने वाले बैंक भी 31 मार्च को खुले रहेंगे।  आरबीआई ने कहा, चालू वित्त वर्ष में ही सरकारी प्राप्तियों और भुगतानों का लेखा-जोखा रखने की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्था की गई है।

अमेरिका ने चीन की इंस्पुर समूह की छह कंपनियों पर लगाया प्रतिबंध
चीन की अग्रणी क्लाउड कंप्यूटिंग और बिग डाटा सेवा प्रदाता कंपनी इंस्पुर समूह की छह सहायक इकाइयों समेत दर्जनों चीनी कंपनियों को अपनी निर्यात प्रतिबंध सूची में डाल किया। इंस्पुर की कुल इकाइयाें में से 50 से अधिक चीन में हैं, जबकि अन्य ताइवान, ईरान, पाकिस्तान, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त अरब अमीरात में स्थित हैं। अमेरिकी वाणिज्य विभाग के अनुसार, इंस्पुर की ये इकाइयां चीनी सेना के लिए सुपरकंप्यूटर विकसित करने में संलिप्त हैं। इस कारण इन्हें निर्यात प्रतिबंधित सूची में डाला गया। इनमें से पांच इकाइयां चीन में और एक ताइवान में स्थित हैं।

शेयर बाजार में गिरावट के कारण 30,000 करोड़ के आईपीओ टले
घरेलू शेयर बाजार में पिछले छह महीने से जारी भारी उतार-चढ़ाव के कारण 30,000 करोड़ रुपये के आईपीओ टल गए हैं। कंपनियों को डर है कि अगर वो बाजार में उतरती हैं तो उनके इश्यू को कम रिस्पांस मिल सकता है। इससे उनका मूल्यांकन भी घट सकता है।

आंकड़ों के मुताबिक, पिछले एक साल में प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ की तेजी मार्च में पूरी तरह से ठप हो गई है। विश्लेषकों का कहना है कि बाजार की अस्थिरता ने निवेशकों को अधिक सतर्क और जोखिम से बचने वाला बना दिया है। इसका असर प्राथमिक बाजार पर पड़ रहा है। परिणामस्वरूप 2025 की पहली छमाही में आईपीओ लॉन्च करने की योजना बनाने वाली कई कंपनियों ने अब इन्हें टाल दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि भारत की लंबे समय की विकास गाथा मजबूत है। ऐसे में अगले वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में कंपनियां आईपीओ में तेजी ला सकती हैं। 

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