इसका उद्देश्य लोगों को डिजिटल धोखाधड़ी से बचाना है, परंतु बारंबार हर कॉल पर इसका आना एक बड़ी दिक्कत है। कोरोना के समय भी ऐसा ही हुआ था जिसे तमाम विरोध के बाद सरकार ने हटा दिया था।
देश में बढ़ते डिजिटल अपराधों को लेकर आमजन को सतर्क करने हेतु टेलीकॉम कंपनियों द्वारा एक साइबर सुरक्षा सूचना कॉलर ट्यून के रूप में जोड़ी गई है। “देश में हर दिन 6000 से भी अधिक लोग साइबर अपराधियों के हाथों करोड़ो रुपये गवां देते हैं……..”यह कॉलर ट्यून जागरूकता के लिए तो ठीक है लेकिन हर कॉल से पहले इसका आना किसी बड़ी मुसीबत से कम नहीं है। चाहे किसी को कितनी भी इमरजेंसी क्यों ना हो, अमिताभ बच्चन की आवाज में इस कॉलर ट्यून को सुने बिना उसकी कॉल नहीं लग सकती है।
कोरोना के दौरान भी यही हालत हुई थी। उस दौरान भी लोगों ने सरकार को सुझाव दिया था कि हर दिन पहली कॉल से पहले इस तरह की कॉलर ट्यून का आना ठीक है लेकिन हर कॉल पर आना एक बड़ी मुसीबत है, हालांकि बाद में विरोध के बाद सरकार ने उसे हटा दिया था और अब यही हालत साइबर क्राइम को लेकर इस कॉलर ट्यून के साथ बन गई है। सोशल मीडिया पर हर दिन लोग इस कॉलर ट्यून को बंद करने की मांग कर रहे हैं। कई लोगों ने इस संबंध में आरटीआई भी दाखिल की है।
क्या है यह साइबर चेतावनी ध्वनि?
टेलीकॉम कंपनियों ने भारत सरकार के निर्देशों के अनुरूप प्रत्येक आउटगोइंग कॉल से पूर्व एक चेतावनी संदेश दिया जा रहा है। इसमें उपयोगकर्ताओं को अनचाहे कॉल्स, संदिग्ध लिंक या अज्ञात OTP साझा न करने हेतु सावधान किया जाता है। यह ऑडियो लगभग 30 सेकंड की होती है और लोगों को सुरक्षित व्यवहार अपनाने की हिदायत देती है। इसका उद्देश्य लोगों को डिजिटल धोखाधड़ी से बचाना है, परंतु बारंबार हर कॉल पर इसका आना एक बड़ी दिक्कत है।
समाधान: सिर्फ “1” दबाएं और आगे बढ़ें
राजस्थान पुलिस की सब-इंस्पेक्टर आरती सिंह तंवर ने इस समस्या का समाधान सोशल मीडिया पर साझा किया है। उनके अनुसार, कॉल के प्रारंभ में जब यह संदेश बजने लगे, तब कीपैड खोलें और “1” दबाएं। यह करते ही कॉलर ट्यून बंद हो जाता है। आप 0 और 8 दबाकर भी इसे खत्म कर सकते हैं।
