सीएमडी बीसीसीएल बतौर मुख्य अतिथि कार्यक्रम में हुए शामिल। परेड का किया निरीक्षण और जवानों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक परेड की सलामी ली।
सीआईएसएफ के 57वें स्थापना दिवस के अवसर पर आज नेहरू कॉम्प्लेक्स, कोयला नगर ग्राउंड में सीआईएसएफ बीसीसीएल यूनिट द्वारा एक भव्य परेड का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सीएमडी बीसीसीएल, श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने मुख्य अतिथि के रूप में परेड का निरीक्षण किया तथा सीआईएसएफ के जवानों द्वारा प्रस्तुत आकर्षक परेड की सलामी ली।
कार्यक्रम में निदेशक (तकनीकी-संचालन) श्री संजय कुमार सिंह, निदेशक तकनीकी (परियोजना एवं योजना) श्री निलाद्री रॉय, डीआईजी सीआईएसएफ श्री जितेन्द्र तिवारी, सीआईएसएफ बीसीसीएल यूनिट के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, कोयला भवन मुख्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं अधिकारी तथा बड़ी संख्या में सीआईएसएफ के अधिकारी और जवान उपस्थित रहे। परेड के दौरान जवानों ने अनुशासन, समर्पण और पेशेवर दक्षता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिसकी सभी ने सराहना की।
अपने संबोधन में सीएमडी बीसीसीएल, श्री मनोज कुमार अग्रवाल ने सीआईएसएफ के 57वें स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बीसीसीएल के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों और परिसंपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में सीआईएसएफ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि धनबाद क्षेत्र की खदानों, कोल हैंडलिंग प्लांट, रेलवे साइडिंग तथा अन्य संवेदनशील स्थलों पर सीआईएसएफ के जवान चौबीसों घंटे सतर्कता के साथ सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं, जिससे कोयला चोरी, अवैध खनन तथा अनाधिकृत प्रवेश जैसी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि नियमित गश्त और आधुनिक निगरानी व्यवस्था के माध्यम से सीआईएसएफ ने कोयले के सुरक्षित उत्पादन एवं परिवहन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उन्होंने कहा कि सीआईएसएफ को और अधिक सशक्त बनाने के लिए बीसीसीएल द्वारा एकीकृत कमांड एवं नियंत्रण केंद्र (ICCC) सहित ड्रोन, डैश कैम और बॉडी कैम जैसे आधुनिक तकनीकी उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं, जिनका उपयोग सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने में किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीसीसीएल ने सदैव सीआईएसएफ को उनके दायित्वों के प्रभावी निर्वहन के लिए आवश्यक सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध कराए हैं। बीसीसीएल और सीआईएसएफ के बीच मजबूत समन्वय से न केवल कार्यस्थलों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई है, बल्कि देश की ऊर्जा सुरक्षा को भी मजबूती मिली है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि आने वाले समय में सीआईएसएफ की भूमिका और दायित्व और अधिक महत्वपूर्ण और व्यापक होंगे। उन्होंने कहा कि भारत सरकार के एमएमडीआर अधिनियम, 1957 के अंतर्गत सीआईएसएफ को सशक्त किए जाने से अवैध खनन, कोयला चोरी तथा पिल्फरेज जैसी गतिविधियों के विरुद्ध और अधिक प्रभावी कार्रवाई संभव होगी, जिससे बीसीसीएल की परिसंपत्तियों की सुरक्षा और अधिक मजबूत होगी तथा देश की ऊर्जा सुरक्षा को भी और अधिक बल मिलेगा।
उन्होंने बताया कि पिछले तीन वर्षों के दौरान सीआईएसएफ द्वारा लगभग 39 हजार टन अवैध रूप से निकाले गए कोयले की बरामदगी की गई है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹27 करोड़ 02 लाख है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रयास राष्ट्रीय संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि सीआईएसएफ आज तीव्र गति से प्रगति के पथ पर अग्रसर है और इसका निरंतर विस्तार हो रहा है। वर्तमान में सीआईएसएफ देश के महत्वपूर्ण हवाई अड्डों, मेट्रो सेवाओं, इसरो, नोट प्रिंटिंग प्रेस, संसद भवन, जम्मू-कश्मीर के केंद्रीय कारागारों तथा अन्य संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक निभा रहा है। इसके अतिरिक्त देश के विभिन्न बंदरगाहों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सीआईएसएफ को सौंपी गई है, जो इस बल की विश्वसनीयता और पेशेवर दक्षता को दर्शाता है।
अंत में उन्होंने बीसीसीएल की ओर से सीआईएसएफ के सभी अधिकारियों, जवानों तथा उनके परिवारजनों को 57वें स्थापना दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि सीआईएसएफ भविष्य में भी इसी समर्पण, अनुशासन और उत्कृष्ट दक्षता के साथ देश की महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों की सुरक्षा में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहेगा।
समारोह के अंत में उपस्थित सभी अतिथियों ने सीआईएसएफ के अधिकारियों और जवानों के अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्ट सेवाओं की सराहना की तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।





