बुधवार को बीएसई सेंसेक्स 138.64 अंक या 0.16 प्रतिशत गिरकर 81,444.66 अंक पर बंद हुआ था। जबकि एनएसई निफ्टी 41.35 अंक या 0.17 प्रतिशत गिरकर 24,812.05 अंक पर बंद हुआ था। आइए जानते हैं आज का हाल…। 

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सेंसेक्स और निफ्टी में मामूली गिरावट रही। शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 253.62 अंक गिरकर 81191.04 पर खुला। जबकि 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 73.95 अंक गिरकर 24738.10 पर खुला। हालांकि, बाद में दोनों बेंचमार्क सूचकांकों में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला और वे सपाट कारोबार कर रहे थे। बीएसई बेंचमार्क 39.09 अंक बढ़कर 81,483.75 पर और निफ्टी 22.70 अंक बढ़कर 24,835.70 पर कारोबार कर रहा था। इसके अलावा अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 14 पैसे गिरकर 86.57 पर आ गया।

किसे फायदा-किसे नुकसान?
सेंसेक्स की कंपनियों में से टेक महिंद्रा, अडानी पोर्ट्स, एचसीएल टेक, इंफोसिस, इंडसइंड बैंक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा स्टील और पावर ग्रिड प्रमुख रूप से पिछड़ने वाले शेयर रहे। टाइटन, महिंद्रा एंड महिंद्रा, कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा मोटर्स, एक्सिस बैंक और लार्सन एंड टूब्रो लाभ में रहे।

एशियाई बाजारों में आई गिरावट
एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 सूचकांक, शंघाई का एसएसई कम्पोजिट सूचकांक और हांगकांग का हैंगसेंग नकारात्मक दायरे में कारोबार कर रहे थे। बुधवार को अमेरिकी बाजार मिले-जुले रुख पर बंद हुए।

क्या है विशेषज्ञों की राय?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार ने कहा कि पश्चिम एशिया संघर्ष की खबरें आने तक निफ्टी के लिए 24,500-25,000 का दायरा बरकरार रहने की संभावना है। अगर तनाव कम होने की खबरें आती हैं, तो निफ्टी इस दायरे के ऊपर निकल जाएगा। अगर तनाव बढ़ने की खबरें आती हैं, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य में परेशानियों के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल, तो निफ्टी के लिए 24,500 स्तर पर बने रहना मुश्किल होगा।मेहता इक्विटीज लिमिटेड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्रशांत तापसे ने बाजार खुलने से पहले कहा कि पश्चिम एशिया के हालात गंभीर बने हुए हैं। इससे घरेलू शेयर बाजारों में नरमी या कमजोरी देखी जा सकती है। भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता कच्चे तेल की कीमतें होंगी, जो युद्ध शुरू होने के बाद से ही बढ़ रही हैं। अगर युद्ध लंबा खिंचता है तो तेल के आयात बिल में बढ़ोतरी होगी। अमेरिकी फेडरल बैंक ने दरों को स्थिर रखने के निर्णय लिया। इसके कारण यह घबराहट जारी रहने की संभावना है, लेकिन साल के अंत तक दो बार दरों में कटौती की उम्मीद है। 

ब्रेंट क्रूड का भाव गिरकर 76.49 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचा
वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.27 प्रतिशत गिरकर 76.49 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 890.93 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने भी 1,091.34 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। बुधवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 138.64 अंक या 0.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 81,444.66 पर बंद हुआ। निफ्टी 41.35 अंक या 0.17 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,812.05 पर बंद हुआ।