धनबाद/झारखंड : जिले में लगातार हो रही मूसलधार बारिश के कारण दामोदर नदी समेत अन्य जल स्रोतों का जलस्तर तेजी से बढ़ता जा रहा है। स्थिति और गंभीर तब हो गई जब तेनुघाट डैम के गेट खोल दिए गए, जिससे दामोदर नदी और अधिक उफान पर आ गई है। इसका सीधा असर जिले की जलापूर्ति व्यवस्था पर पड़ा है, जिससे झरिया, पुटकी और केंदुआ समेत आसपास के क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराने की आशंका जताई जा रही है।
विशेष रूप से झरिया के जामाडोबा स्थित झमाडा (JHAMADA) जल शोधन संयंत्र के समीप दामोदर नदी का जलस्तर चिंताजनक रूप से बढ़ गया है। संयंत्र में कार्यरत शमशेर हालखोर के अनुसार गुरुवार देर रात जलस्तर अचानक तेजी से बढ़ा, पर समय रहते सतर्कता बरतते हुए पंपिंग सिस्टम को ऊंचे स्थान पर शिफ्ट कर दिया गया। साथ ही नदी से बहकर आए कचरे की भी सफाई कर दी गई है।
संयंत्र में लगे चार प्रमुख पंप (संख्या 5, 6, 8 और 9) को एहतियातन एक-एक कर बारी-बारी से चलाया जा रहा है, जिससे जल संग्रहण और वितरण की प्रक्रिया धीमी हो गई है। अगर बारिश का यही रुख बना रहा, तो जल आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित हो सकती है।
झमाडा संयंत्र झरिया विधानसभा क्षेत्र के अलावा पुटकी और केंदुआ इलाकों को भी पेयजल आपूर्ति करता है। जलस्तर में लगातार वृद्धि के कारण इन क्षेत्रों में जल संकट की स्थिति बन गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार इससे लगभग 12 लाख लोगों की जलापूर्ति प्रभावित होने की आशंका है।
फिलहाल विभागीय अधिकारी और कर्मी हालात पर नजर बनाए हुए हैं और आपूर्ति व्यवस्था को बनाए रखने की हरसंभव कोशिश की जा रही है।
