सबसे जरूरी है कि पहली बार योगासन करने वाले कुछ आसान और प्रभावी आसनों से शुरुआत करें, ताकि शरीर धीरे-धीरे लचीलापन और शक्ति पा सके। आइए जानते हैं कुछ शुरुआती योगासन, जिन्हें आप आराम से कर सकते हैं।

योग शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुधारने का एक बेहतरीन तरीका है। लगभग हर स्वास्थ्य समस्याओं का उपचार योग व ध्यान के माध्यम से तलाशा जा सकता है। हालांकि आपको अपनी क्षमता और शरीर की जरूरत के मुताबिक सही योग के अभ्यास करना होता है। कई बार पहली बार योगाभ्यास कर रहे लोग किसी  ऐसे आसन के अभ्यास से शुरुआत करते हैं जो उनकी क्षमताओं से अधिक कठिन हो सकता है। 

सबसे पहली बात कि पहली बार योगासन करने जा रहे हैं तो धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाएं। धैर्य रखें और अपने शरीर की सीमाओं को समझें। सबसे जरूरी है कि पहली बार योगासन करने वाले कुछ आसान और प्रभावी आसनों से शुरुआत करें, ताकि शरीर धीरे-धीरे लचीलापन और शक्ति पा सके। आइए जानते हैं कुछ शुरुआती योगासन, जिन्हें आप आराम से कर सकते हैं।

ताड़ासन 

यह सीधे खड़े होकर किया जाने वाला योग है जिसमें दोनों पैरों के बीच थोड़ी दूरी होनी चाहिए। फिर हाथों को सीधा ऊपर उठाते हुए पूरे शरीर को स्ट्रेच किया जाता है। इस दौरान गहरी सांस लेकर कुछ सेकंड इसी स्थिति में रहना होता है। 

ताड़ासन के अभ्यास से शरीर में संतुलन बढ़ता है। रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है और शरीर में ऊर्जा का संचार होता है।

वज्रासन

नए योगी के लिए वज्रासन का अभ्यास तुलना में सरल होता है। इसमें घुटनों को मोड़कर एड़ियों पर बैठना होता है। फिर पीठ को सीधा रखते हुए हाथों को जांघों पर रखा जाता है। इस दौरान सामान्य रूप से सांस लेते हैं। वज्रासन का नियमित अभ्यास करने से पाचन में सुधार होता है। ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलती है। साथ ही खाने के बाद बैठने के लिए यह सबसे उपयुक्त आसन होता है। 

भुजंगासन 

जो योगाभ्यास की शुरुआत कर रहे हैं, उन्हें भुजंगासन का अभ्यास जरूर करना चाहिए। इसके लिए पेट के बल लेटकर हथेलियों को कंधों के नीचे रखें। धीरे धीरे ऊपरी शरीर को उठाएं। सिर को ऊपर की ओर रखें और छाती को फैलाएं।

इस आसन का अभ्यास पीठ और रीढ़ को मजबूत बनाता है। पेट के अंगों की मालिश होती है। यह पाचन तंत्र मजबूत बनाने, वजन कम करने और तनाव व थकान दूर करने में असरदार योग क्रिया है।

बालासन

योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने की शुरुआत कर रहे हैं तो बालासन का अभ्यास शुरुआती महीनों में करें। इसके लिए घुटनों के बल बैठकर माथा जमीन पर टिकाएं।  दोनों हाथों को सामने की ओर फैलाएं और गहरी सांस लेते हुए आराम करें।

बालासन के अभ्यास के कई स्वास्थ्य लाभ हैं। इससे शरीर और दिमाग को गहरी शांति मिलती है। थकान और तनाव दूर होता है। पीठ और कंधों के दर्द में राहत मिलती है।

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