कोयलांचल में मेडिकल व इंजीनियरिंग की विगत 24 वर्षों से तैयारी कराते आ रही विश्वसनीय एवं भरोसेमंद संस्थान गोल ने 2026 के लिए प्रतियोगियों में अभी से ही सही मार्गदर्शन में पूरी जोश और जुनून के साथ पढ़ाई करने के तरीकों एवं अच्छे रैंक से राफल होने के गूढ़ रहस्यों को लेकर सेमिनार का आयोजन किया।

गोल संस्थान के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक श्री बिपिन सिंह ने बताया कि धनबाद से कम छात्रों में भी अब तक इतने अच्छे परिणाम आते रहे हैं, जो पूरे गोल टीम को उत्साहित करते रही है, जो आपसे मिलने की एवं आपको और अच्छी सुविधाएं एवं व्यवस्थाएं देने को प्रेरित कर रही है।

देश के इतनी बड़ी एवं कड़ी प्रतियोगिता में इतने अच्छे प्रतिशत में सफलता का सबसे बड़ा कारण आप छात्रों की कड़ी मेहनत, लगन, अभिभावकों का भरोसा और त्याग एवं पूरी गोल टीम का अपने जवाबदेहीयों, जिम्मेवारियों के साथ आपके प्रति समर्पण है।

श्री बिपिन सिंह ने बहुत ही सधे एवं सटीक तरीके से हर एक विषयों पर पकड़ बनाने के साथ हीं ऐसे बहुत सारे तरीके बताए, जिसे अपना कर साधारण छात्र भी असाधारण सफलता हाँसिल करते रहे हैं।

गोल धनबाद के केंद्र निदेशक संजय आनंद ने मेडिकल के साथ हीं इंजीनियरिंग प्रतियोगिता से जुड़े हर वो अनिवार्य तथ्यों एवं दिशा निर्देश दिये, जो सफलता के लिए अनिवार्य है।

उन्होंने 11वीं, 12वीं, टारगेट एवं एचिवर्स बैच के छात्रों को उनके स्तर से एकेडमिक के साथ हीं कॉम्पिटिटिव परीक्षाओं के बचे हुए समय को सही तरीके से उपयोग कैसे करें, कब क्या करें और क्या नहीं करें जैसे गुढ़ रहस्यों से अवगत कराया।

उन्होंने यह भी बताया कि आपके कोर्स समय पर कम्प्लीट हो रहे हैं। जिसके बाद रिविजन क्लास, डाउट सेशन एवं देश में सबसे ज्यादा टेस्ट लेने वाला संस्थान गोल के टॉपिक वाइज के साथ हीं फुल सिलेबस के विभिन्न टेस्ट सीरीज से पूछे जाने वाले प्रश्नों को सही समय सीमा में निगेटीव मार्किंग से बचते हुए कैसे नियंत्रण करें ताकि फाइनल परीक्षा में अपना बेस्ट दे कर सफलता का परचम लहरा सकें।

गोल संस्थान से अब तक लगभग 18000 से ज्यादा छात्र डॉक्टर एवं हजारों छात्र इंजीनियर बनकर देश के साथ हीं विदेशों में भी अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। हमें गर्व है कि हमारे छात्र देश के लगभग हर एक मेडिकल कॉलेजों में ग्रुप में मौजूद हैं।
आप उपस्थित सभी प्रतियोगियों से गुजारिश है कि एक भी क्लास और टेस्ट को नहीं छोड़ें।

कहीं भी किसी भी तरह की परिस्थित्ति या समस्या आए, तो हमें बिना कोई हिचक शेयर करें। जो बातें समय-समय पर बताई जाती है, उसे आत्मसात करें, क्योंकि सफल होने के लिए अनुशासन, सही दिशा निर्देश में अपने समय और ऊर्जा को लगाना अनिवार्य है।

विदित हो कि भावी प्रतियोगियों के चेहरे पर उक्त सेमिनार को लेकर काफी उत्साह व जुनून के भाव गौजूद थे तो दूसरी तरफ अभिभावक भी सुकून के साथ गोल के अनुशासित कॉम्पिटिटिव माहौल से प्रसन्न दिखे।

कार्यक्रम को सफल बनाने में एकेडमिक हेड दीपक कुमार एवं भारती सिन्हा, अरूण जी, पूजा कुमारी, सुनील जी. उमेश जी, दिलीप जी, वशीम जी एवं पूरे गोल धनबाद टीम का अहम योगदान रहा।