उन्होंने MIT से 2014 से 2017 के बीच इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने 2017 में MIT से ही मास्टर डिग्री पूरी की, जिसमें उनका फोकस ऑपरेटिंग सिस्टम, एल्गोरिद्म, डिस्ट्रीब्यूटेड कंप्यूटिंग, मशीन लर्निंग और परफॉरमेंस इंजीनियरिंग पर था।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का दौर चल रहा है, ऐसे में एआई में माहिर लोगों की मांग भी है। पिछले कुछ दिनों से एक नाम चर्चा में है और वह नाम है वरुण मोहन। Google ने हाल ही में Windsurf नामक स्टार्टअप की कोर टीम को अपनी AI शाखा DeepMind में शामिल कर लिया है। इस टीम में Windsurf के CEO वरुण मोहन सह-संस्थापक डगलस चेन और अन्य वरिष्ठ आरएंडी स्टाफ शामिल हैं।
कौन हैं वरुण मोहन?
वरुण मोहन, Windsurf के सह-संस्थापक और पूर्व CEO हैं। वह भारतीय प्रवासी माता-पिता के पुत्र हैं और Sunnyvale, California में पले-बढ़े। उन्होंने San Jose स्थित Harker School से स्कूलिंग की, जहां वह मैथ्स और कंप्यूटर ओलंपियाड्स में काफी प्रतिभाशाली माने जाते थे।
उन्होंने MIT से 2014 से 2017 के बीच इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और कंप्यूटर साइंस में स्नातक की डिग्री प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने 2017 में MIT से ही मास्टर डिग्री पूरी की, जिसमें उनका फोकस ऑपरेटिंग सिस्टम, एल्गोरिद्म, डिस्ट्रीब्यूटेड कंप्यूटिंग, मशीन लर्निंग और परफॉरमेंस इंजीनियरिंग पर था।
करियर की शुरुआत
वरुण ने अपने करियर की शुरुआत कई दिग्गज टेक कंपनियों में की जिनमें न्यूरो, Quora, Linkedin, डेटाब्रिक्स और SAMSUNG शामिल हैं। इन कंपनियों में उन्होंने सिस्टम, सॉफ्टवेयर और परफॉर्मेंस इंजीनियरिंग में गहरी विशेषज्ञता हासिल की। वह जटिल एल्गोरिद्म को प्रोडक्शन-रेडी कोड में बदलने की दक्षता के लिए प्रसिद्ध हैं।
Windsurf की शुरुआत
वर्ष 2021 में वरुण मोहन ने अपने MIT के सहपाठी डगलस चेन के साथ मिलकर Codeium नामक कंपनी की स्थापना की, जिसे बाद में Windsurf के नाम से जाना गया। शुरुआत में कंपनी GPU वर्चुअलाइजेशन पर काम कर रही थी, लेकिन बाद में उन्होंने AI-नेचुरल IDE और IDE Plugins पर ध्यान केंद्रित किया। लॉन्च के केवल चार महीनों में Windsurf ने 10 लाख से ज्यादा डेवलपर्स को जोड़ा, और कुल $243 मिलियन (लगभग ₹2,000 करोड़) की फंडिंग जुटाई। Windsurf की वैल्यूएशन $1.25 बिलियन पहुंच गई।
Google बनाम OpenAI: टैलेंट वॉर
Windsurf को लेकर OpenAI और Google दोनों ही काफी रुचि दिखा रहे थे। OpenAI Windsurf को $3 बिलियन में खरीदने की योजना बना रहा था, लेकिन Google ने $2.4 बिलियन देकर Windsurf की टेक्नोलॉजी का नॉन-एक्सक्लूसिव लाइसेंस ले लिया और पूरी टीम को DeepMind में शामिल कर लिया। Google DeepMind के CEO Demis Hassabis ने भी इस डील को लेकर खुशी जताई और Windsurf की टीम का स्वागत किया।
